Conference on 'India- Russia in the 21st century: Enhancing the Special Privileged Strategic Partnership' - 13-14 September, 2018 at Nehru Memorial Museum & Library, Teen Murti Bhavan, New Delhi

Salient Points of PM Narendra Modi’s address at Sommanona Ceremony to honour Indian Martyrs in the Liberation War of Bangladesh on 08 Apr, 2017

  • आज एक विशेष दिन है। आज भारत तथा बांग्लादेश के शहीदों के प्राण बलिदान को स्मरण करने का दिन है
  • आज का दिन ऐतिहासिक है। बांग्लादेश स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सभी भारतीय सैनिकों के परिवारों के लिए ये कभी न भूल पाने वाला क्षण है
  • यह मेरा परम सौभाग्य है कि इस समय 7 भारतीय शहीदों के परिवार यहां उपस्थित हैं
  • भारतीय सैनिको के बलिदानों के लिए मैं और पूरा देश सभी शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हैं
  • बांग्लादेश का जन्म जहां एक नयी आशा का उदय था । वहीं 1971 का इतिहास हमें कई अत्यंत दर्दनाक पलों की भी याद दिलाता है
  • बांग्लादेश की जन्म गाथा असीम बलिदानों की गाथा है
  • मुक्तियोद्धाओं के साथ साथ बांग्लादेश के लिए किये गए भारतीय फौज का संघर्ष और बलिदान को भी कोई नहीं भुला सकता
  • ऐसा करने में उनकी एक मात्र प्रेरणा थी, बांग्लादेश की जनता के प्रति उनका प्रेम, और बांग्लादेश के लोगों के सपनों के प्रति उनका सम्मान
  • 1971 में भारत की दिखाई ये इंसानियत पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है
  • मेरा यह स्पष्ट मत है कि मेरे देश के साथ ही भारत का हर पड़ोसी देश प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो
  • स्वार्थी न बनकर हमने पूरे क्षेत्र का भला चाहा है
  • लेकिन दुःख की बात है कि इन दो विचार धाराओं के विपरीत भी दक्षिण एशिया में एक मानसिकता है
  • ऐसी सोच जिस का value system मानवता पर नहीं अपितु हिंसा, आतिवाद तथा आतंक पर आधारित है
  • भारत-बांग्लादेश संबंध ना सरकारों के मोहताज हैं और ना ही सत्ता के
  • भारत और बांग्लादेश इसलिए साथ हैं, क्योंकि दोनों देशों के 140 करोड़ लोग साथ हैं। हम दुःख-सुख के साथी है

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