Round Table Discussion on "Prime Minister's visit to Indonesia: an Overview" by Prof. Baladas Ghoshal (Secretary General, Society for Indian Ocean Studies) on 12 July 2018 at 5.30 PM, SPMRF Conference Room, 9, Ashoka Road, New Delhi

Salient Points of PM Narendra Modi’s address at the inaugural session of 90th Annual General Meeting of FICCI on 13 Dec, 2017

हमारे यहां एक ऐसा सिस्टम बना जिसमें गरीब हमेशा इस सिस्टम से लड़ रहा था।

छोटी-छोटी चीजों के लिए उसे संघर्ष करना पड़ रहा था। गरीब को बैंक अकाउंट खुलवाना है, उसे गैस कनेक्शन चाहिए, तो सिस्टम आड़े आ जाता था । अपनी ही पेंशन, स्कॉलरशिप पाने के लिए यहां-वहां कमीशन देना होता था

सिस्टम के साथ इस लड़ाई को बंद करने का काम ये सरकार कर रही है। हम एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं जो ना सिर्फ Transparent हो बल्कि Sensitive भी हो। एक ऐसा सिस्टम जो लोगों की आवश्यकताओं को समझे

हम गरीब की एक-एक आवश्यकता, एक-एक समस्या को पकड़ कर उसे सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं। गरीब महिलाओं को लगातार शर्मिंदगी का सामना ना करना पड़े, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर ना हो, इसलिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 5 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए गए

विज्ञान भवन की इन चमचमाती लाइटों से बहुत अलग दुनिया आपको देश के गांवों में मिलेगी। मैं गरीबी की उसी दुनिया से निकलकर आपके बीच आया हूं।

सीमित संसाधन, सीमित पढ़ाई, लेकिन सपने अथाह-असीमित। उसी दुनिया ने सिखाया है कि गरीबो की आवश्यकताओं को समझते हुए कार्य करो

आप देखेंगे कि सरकार देश के नौजवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है, योजनाएं बना रही है।

इसका बिल्कुल contrast आपको पिछली सरकार में देखने को मिलेगा। उस दौरान कुछ बड़े उद्योगपतियों को लाखों करोड़ के लोन दिए गए, बैंकों पर दबाव डालकर पैसा दिलवाया गया

मुझे जानकारी नहीं है कि पहले की सरकार की नीतियों ने जिस तरह बैंकिंग सेक्टर की दुर्दशा की, उस पर फिक्की ने कोई सर्वे किया है या नहीं? ये आजकल NPA का जो हल्ला मच रहा है, वो पहले की सरकार में बैठे अर्थशास्त्रियों की, इस सरकार को दी गई सबसे बड़ी Liability है

जब सरकार में बैठे कुछ लोगों द्वारा बैंकों पर दबाव डालकर कुछ विशेष उद्योगपतियों को लोन दिलवाया जा रहा था, तब फिक्की जैसी संस्थाएं क्या कर रही थीं?पहले की सरकार में बैठे लोग जानते थे,बैंक भी जानते थे, उद्योग जगत भी जानता था,बाजार से जुड़ी संस्थाएं भी जानती थीं कि गलत हो रहा है

ये NPAs यूपीए सरकार का सबसे बड़ा घोटाला था। कॉमनवेल्थ, 2 जी, कोयला,सभी से कहीं ज्यादा बड़ा घोटाला। ये एक तरह से सरकार में बैठे लोगों द्वारा उद्योगपतियों के माध्यम से जनता की कमाई की लूट थी। जो लोग मौन रहकर सब कुछ देखते रहे, क्या उन्हें जगाने की कोशिश, किसी संस्था द्वारा की गई

साथियों, बैंकिंग सिस्टम की इस दुर्दशा को ठीक करने के लिए, बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।

बैंकों का हित सुरक्षित होगा, ग्राहकों का हित सुरक्षित होगा, तभी देश का हित भी सुरक्षित रहेगा

FRDI को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सरकार ग्राहकों के हित सुरक्षित करने के लिए, बैंकों में जमा उनकी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही है, लेकिन खबरें इसके ठीक उलट फैलाई जा रही हैं।

भ्रमित करने वाली ऐसी कोशिशों को नाकाम करने में फिक्की जैसी संस्था का योगदान जरूरी है

आज बहुत सी वजहें हैं, जिसकी वजह से भारत एक नई क्रांति की शुरुआत कर सकता है

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