Round Table Discussion on "Prime Minister's visit to Indonesia: an Overview" by Prof. Baladas Ghoshal (Secretary General, Society for Indian Ocean Studies) on 12 July 2018 at 5.30 PM, SPMRF Conference Room, 9, Ashoka Road, New Delhi

Salient Points of PM’s interaction in Bharat Ki BaatSabkeSaath Programme at London on 18 Apr, 2018

My life at the Railway Station taught me so much. It was about my personal struggles. When you said Royal Palace, it is not about me but about the 125-crore people of India.

The person in the Railway Station was Narendra Modi. The person in the Royal Palace in London is the Sevak of 125 crore Indians

रेलवे स्टेशन मेरे जीवन का स्वर्णिम पृष्ठ जिसने मुझे जीना और जूझना सीखाया

‘Besabri’ is not a bad thing. If a person has a cycle, a person aspires a scooter. If a person has a scooter, a person aspires a car. It is nature to aspire. India is getting increasingly aspirational

जज्बा होना सबसे ज़रूरी है… मुझे ख़ुशी है कि आज सवा सौ करोड़ लोगों के मन में एक उमंग, आशा और संकल्प का भाव है और लोग मुझसे अपेक्षा कर रहे हैं

लोगों की मुझसे अपेक्षा इसलिए है कि उन्हें विश्वास है कि हम करके जरूर दिखाएंगे

बेसब्री मेरे लिए ऊर्जा है और जब आप ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के संकल्प को लेकर चलते हैं तो निराशा की बात ही नहीं उठती

‘तब और अब’ में जमीन आसमान का अंतर क्योंकि जब नीति स्पष्ट हो, नीयत साफ़ हो, और इरादे नेक हों तो उसी व्यवस्था के साथ आप इच्छित परिणाम ले सकते हैं

Today the need of the hour is to make development a mass movement

लोकतंत्र कोई कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट नहीं, ये भागीदारी का काम; जनता-जनार्दन की ताकत बहुत होती है और उन पर जितना भरोसा होगा, उसके परिणाम देखने को मिलेंगे

Look back at India’s history. India has never desired anyone else’s territory. During World War 1 and 2 we had no stake but our soldiers took part in the Wars. These were big sacrifices. Look at our role in UN Peacekeeping Forces

Those who like exporting terror, I want to tell them that India has changed and their antics will not be tolerated

I do not need to read books to understand poverty. I have lived in poverty, I know what it is to be poor and belong to the backward sections of society

18,000 villages did not have electricity. So many women do not have access to toilets. These realities of our nation did not let me sleep. I was determined to bring about a positive change in the lives of India’s poor

I am like any common citizen. And, I also have drawbacks like normal people do

मैंने देशवासियों को भरोसा दिलाया था कि मैं गलतियाँ कर सकता हूँ लेकिन गलत इरादे से कोई काम नहीं करूँगा

सवा सौ करोड़ देशवासियों की शक्ति पर मेरा भरोसा और आज जितने बदलाव देश में देखने को मिल रहे हैं, ये उसी का परिणाम है

लोकतंत्र, सामाजिक चेतना और नारी सशक्तिकरण के लिए किया गया भगवान बसवेश्वर का प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत

आज हम किसान कल्याण के लिए काम कर रहे हैं चाहे वो 2022 तक कृषि से होने वाली आय को दोगुनी करनी हो, यूरिया की आसान उपलब्धता हो या यूरिया की नीम-कोटिंग हो, हम एक निश्चित लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं

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