Special Address by HE Edgars Rinkevics, Foreign Minister of Republic of Latvia on "India - Latvia Relations in a Changing World" on Tuesday, 14th January 2020 at 11 AM, Board Room, Constitution Club of India, Rafi Marg, New Delhi

Salient points of PM’s address at the launch of Atal Jal Yojna


  • पानी का विषय अटल जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, उनके हृदय के बहुत करीब था। पानी को लेकर उनका विजन, हमें आज भी प्रेरणा देता है।
  • अटल जल योजना हो या फिर जल जीवन मिशन से जुड़ी गाइडलाइंस, ये 2024 तक देश के हर घर तक जल पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध करने में एक बड़ा कदम हैं।

इसके लिए हम पाँच स्तर पर एक साथ काम कर रहे हैं।

  • पहला-पानी से जुड़े जो डिपार्टमेंट हैं, हमने उनके Silos को तोड़ा।
  • दूसरा-भारत जैसे विविधता भरे देश में हमने हर क्षेत्र की जमीनी स्थिति को देखते हुए योजनाओं का स्वरूप तय करने पर जोर दिया।
  • तीसरा-जो पानी उपलब्ध होता है, उसके सही संचयन औऱ वितरण पर ध्यान दिया।
  • चौथा-पानी की एक एक बूंद का इस्तेमाल हो, पानी की recycling हो, इसे योजनाओं में प्राथमिकता दी.
  • पाँचवाँ– सबसे महत्वपूर्ण- जागरूकता और जनभागीदारी।
  • इस योजना से महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, यूपी, एमपी और गुजरात, इन सात राज्यों के भूजल को ऊपर उठाने में बहुत मदद मिलेगी।
  • इस स्थिति को बदलने के लिए हमें किसानों को वर्षा जल के संचयन के लिए, वैकल्पिक फसलों के लिए जागरूक करना होगा, ज्यादा से ज्यादा माइक्रो-इरिगेशन की तरफ बढ़ना होगा, हमें Per Drop More Crop को बढ़ावा देना होगा।
  • साथियों, मैं अटल जल योजना से जुड़े सभी 8,300 सरपंचों से कहना चाहता हूं कि आपकी सफलता न सिर्फ अटल जल योजना को कामयाब बनाएगी बल्कि जल जीवन मिशन को भी मजबूती देगी।
  • आजादी के इतने वर्षों बाद भी आज देश के 3 करोड़ घरों में ही नल से जल पहुंचता है। सोचिए, 18 करोड़ ग्रामीण घरों में से सिर्फ 3 करोड़ घरों में, 70 साल में इतना ही हो पाया था। अब हमें अगले पाँच साल में 15 करोड़ घरों तक पीने का साफ पानी, पाइप से पहुंचाना है। इसके लिए अगले पाँच वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने जा रही हैं।
  • जल जीवन मिशन का ये अभियान सिर्फ हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने से नहीं जुड़ा हुआ है। हमारी मां बहनों को घर से दूर जाकर पानी न लाना पड़े, उनकी गरिमा का सम्मान हो, उनकी जिंदगी आसान बने, इस मिशन का ये भी लक्ष्य है। गांव की भागीदारी और साझेदारी की इस योजना में गांधी जी के ग्राम स्वराज की भी एक झलक है।

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