Salient Points of PM’s address at the inaugural session of the Founding Conference of International Solar Alliance on 11 Mar, 2018

International Solar Alliance का यह नन्हा पौधा आप सभी के सम्मिलित प्रयास और प्रतिबद्धता के बिना रोपा ही नहीं जा सकता था। इसलिए मैं फ्रांस का और आप सबका बहुत आभारी हूँ।
121 सम्भावित देशों में से 61 Alliance को join कर चुके हैं 32 ने Framework Agreement को ratify भी कर दिया है I

भारत में वेदों ने हज़ारो साल पहले से सूर्य को विश्व की आत्मा माना है। भारत में सूर्य को पूरे जीवन का पोषक माना गया है।

आज जब हम Climate Change जैसी चुनौती से निपटने का रास्ता ढूंढ रहे हैं तो हमे प्राचीन दर्शन के संतुलन और समग्र दृष्टिकोण की ओर देखना होगा

भारत में हमने दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार कार्यक्रम शुरू किया है।

हम 2022 तक renewables से 175 GW बिजली उत्पन्न करेंगे जिसमें से 100 GW बिजली सौर से होगी। हमने इसमे से 20 GW installed solar power का लक्ष्य हासिल कर लिया हैI

हमें innovation को प्रोत्साहित करना होगा ताकि विभिन्न आवश्यकताओं के लिए सौर समाधान प्रदान हो सके।

हमें solar projects के लिए concessional financing और कम जोखिम का वित्त मुहैया कराना होगा

Regulatory aspects एवं मानकों का विकास करना होगा जो सौर समाधान अपनाने और उनके विकास को गति दें।

विकासशील देशों में bankable solar projects के लिए consultancy support का विकास करना होगा।

हमारे प्रयासों में अधिक समावेशिता और भागीदारी पर बल दिया जाये

पूरी मानवता की भलाई चाहते हैं तो मुझे विश्वास है कि निजी दायरों से बाहर निकलकर एक परिवार की तरह हम उद्देश्यों और प्रयासों में एकता और एकजुटता ला सकेंगे।

यह वही रास्ता है जिससे हम प्राचीन मुनियों की प्रार्थना – ‘तमसो मा ज्यातिर्गमय’ को चरितार्थ कर पायेंगे

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