Discussion on "Kashmir After Abrogation of Article 370: Real Narrative from the Ground" on Monday, 21st October 2019 at 6 PM, Lecture Hall 2 (Annexe), India International Centre, Max Mueller Marg, New Delhi

Salient Points of PM Modi’s address at India- Kyrgyzstan Business Forum

His Excellency मिस्टर जीन्बेकोव, President of Kyrgyz Republic

Hon’ble मिस्टर आदिलबेक उलु शुमकारबेक, Director, Investment Promotion Agency,

Shri संदीप सोमानी, President FICCI

Distinguished participants from business, industry and academia from India and Kyrgystan

भारत और किर्गीज व्यापार समुदायों के बीच इस बिजनेस फोरम का आयोजन बहुत प्रसन्नता का विषय है। यह भी महत्वपूर्ण है कि मेरी बिश्केक यात्रा के द्विपक्षीय चरण का आरंभ इस बिजनेस फोरम से हो रहा है। यह हमारी साझा प्राथमिकताओं का सूचक है। भारत और किर्गिस्तान के बीच प्राचीन काल से नजदीकी सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। इस ऐतिहासिक साझेदारी को आधुनिक समय के अनुरुप बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। राष्ट्रपति जीन्बेकोव और मैं विभिन्न क्षेत्रों में भारत-किर्गीज संबंधों का विस्तार करना चाहेंगे। और विशेष रूप से व्यापार और निवेश के क्षेत्र में इन्हें खास मजबूत करना चाहेंगे। राष्ट्रपति जी ने इस Forum को अपना मार्गदर्शन दिया और व्यक्तिगत रूप से इसमें हिस्सा लिया। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं।

Friends,

विश्व की अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। ऐसे में भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था की आर्थिक वृद्धि और टेक्नोलॉजिकल विकास, विश्व में स्थायित्व और आशा के प्रमुख कारक हैं। भारत एक विशाल मार्किट तो है ही। हमारे देश की युवा प्रतिभा और उत्साही इन्नोवेटर्स 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Friends,

यह स्पष्ट है कि वर्तमान में हमारा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक भागेदारी संभावना से काफी कम है। इसलिए, Business-Forum की यह पहल बहुत उपयुक्त समय पर की जा रही है। मेरे विचार में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए तीन catalysts है – उपयुक्त माहौल, connectivity और बिजनेस टू बिजनेस यादि B2B आदान-प्रदान।

मैं बताना चाहूंगा कि उपयुक्त माहौल बनाने के लिए हमने Double Taxation Avoidance Agreement को अंतिम रूप दे दिया है। साथ ही, Bilateral Investment Treaty पर हम सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। इनसे निवेश के लिए मजबूत आधार मिलेगा। हमने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए पंचवर्षीय रोडमैप तैयार किया है। किरगिज रिपब्लिक, यूरेशियन Economic Union का सदस्य है। हम यूरेशियन Economic Union के साथ व्यापार को बढ़ाने के लिए Preferential Trade Agreement पर भी काम कर रहे हैं।

व्यापार को सुगम बनाने में बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। Chabahar port भारत और अफगानिस्तान के बीच संपर्क का एक नया जरिया बनकर उभरा है। भारत और मध्य एशिया के बीच कनेक्टीविटी के बेहतर विकल्प बनाने पर हमें और ध्यान देना होगा। B2B आदान-प्रदान में बढ़ोत्तरी करने के लिए भी हमने कईinitiatives लिए हैं। इस वर्ष बिश्केक में “नमस्कार यूरेशिया” ट्रेड शो आयोजित किया जाएगा।

भारत और किरगिज रिपब्लिक के विभिन्न उत्पाद व्यापार में एक-दूसरे के पूरक हैं। हमें इन सभी अवसरों का फायदा उठाना चाहिए। किगरिज आर्गेनिक उत्पादों की बाजार में अच्छी साख है। यहां का पहाड़ी शहद, अखरोट और डेयरी-उत्पाद इकोलॉजिकल रूप से शुद्धता और natural-processing के लिए विख्यात है।

उसी प्रकार भारत के व्यापारियों और निवेशकों के लिए औषधियाँ, टेक्सटाइल, रेलवे, hydropower, mining और minerals, तथा tourism के क्षेत्रों में किरगिज रिपब्लिक में अच्छे अवसर मौजूद हैं।

Friends,

मैं कामना करता हूं कि आपकी सभी चर्चाएं सार्थक हों। मैं किरगिज व्यापार जगत के नेताओं को भारतीय उद्यमियों के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

 

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